राज्योत्सव पर कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते की सौगात देने की मांग, भानु प्रताप यादव ने सरकार से किया आग्रह
दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते की सौगात देने की मांग उठी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला शाखा दुर्ग के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने राज्य सरकार से 1 जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता तत्काल स्वीकृत करने और केंद्र सरकार के समान 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत (DA/DR) लागू करने की मांग की है।
संघ ने इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, दुर्ग के माध्यम से मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन प्रेषित करने का आग्रह किया है। संघ का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत देने के लिए राज्य सरकार को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
केंद्र के समान 63 प्रतिशत महंगाई भत्ते की मांग
संघ के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कर्मचारियों एवं पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की गई है, जिसे 1 जुलाई 2026 से प्रभावी बताया गया है। इस वृद्धि के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है।
संघ ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्णय के बाद छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी राज्य शासन से इसी अनुरूप निर्णय की अपेक्षा है। खाद्य सामग्री, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से कर्मचारियों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में महंगाई भत्ते में वृद्धि उनके लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत साबित हो सकती है।
एरियर्स सहित भुगतान और GPF में समायोजन की मांग
संघ ने सरकार के समक्ष प्रमुख रूप से पांच मांगें रखी हैं। इनमें 1 जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की तत्काल स्वीकृति, केंद्र के समान 63 प्रतिशत DA/DR लागू करने, लंबित राशि का एरियर्स सहित भुगतान और एरियर्स की राशि सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा अथवा समायोजित करने के प्रस्ताव पर नियमानुसार निर्णय लेने की मांग शामिल है।
इसके अलावा, संघ ने भविष्य में केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में वृद्धि किए जाने के बाद राज्य सरकार की ओर से भी समयबद्ध निर्णय लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि कर्मचारियों और पेंशनरों को अपने देय लाभ के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
राज्योत्सव पर घोषणा को बताया सम्मान का प्रतीक
जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव प्रदेश की गौरवशाली पहचान, विकास और जनकल्याण के संकल्प का महत्वपूर्ण अवसर है। शासकीय कर्मचारी शासन की योजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और विकास कार्यों को धरातल पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं, पेंशनरों ने भी अपने सेवाकाल में प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के अवसर पर कर्मचारियों एवं पेंशनरों की लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए महंगाई भत्ते के संबंध में सकारात्मक घोषणा करना उनके योगदान के प्रति सम्मान और कर्मचारी हितों के प्रति संवेदनशीलता का परिचायक होगा।
संघ ने राज्य शासन से आग्रह किया है कि लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते की स्वीकृति, केंद्र के समान DA/DR और एरियर्स भुगतान के संबंध में शीघ्र निर्णय लेकर प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को आर्थिक राहत प्रदान की जाए। संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस मांग पर सकारात्मक पहल करेगी।

