केंद्रीय कर्मचारियों को 63% DA, छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को 58% ही क्यों? शिक्षक फेडरेशन ने सरकार से मांगा जवाब
राजेश चटर्जी बोले—कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए मोदी की गारंटी लागू करने में राज्य सरकार विफल, देय तिथि से महंगाई भत्ता देने की मांग
पाटन। छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर कर्मचारियों एवं पेंशनरों के बीच एक बार फिर असंतोष सामने आया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को मिल रहे महंगाई भत्ते की दरों में अंतर पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से देय तिथि से महंगाई भत्ता स्वीकृत करने की मांग की है। फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने कहा कि जब महंगाई का प्रभाव केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों पर समान रूप से पड़ता है, तो फिर दोनों के महंगाई भत्ते में अंतर क्यों है?
फेडरेशन के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को जनवरी 2026 से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत मिल रही है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए जुलाई 2026 से इसे बढ़ाकर 63 प्रतिशत किए जाने का दावा किया गया है। इसी अंतर को लेकर फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
16 महीने तक 58 प्रतिशत DA पर भुगतान का आरोप
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन का कहना है कि राज्य सरकार ने जुलाई 2025 से प्रभावी 58 प्रतिशत महंगाई भत्ते को जनवरी 2026 से स्वीकृति दी। फेडरेशन के मुताबिक, जुलाई 2025 से अक्टूबर 2026 तक 16 महीने की अवधि में राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को 58 प्रतिशत की दर से भुगतान किया जा रहा है, जबकि केंद्र में जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत और जुलाई 2026 से 63 प्रतिशत DA/DR की दर लागू होने की बात कही गई है।
फेडरेशन ने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार समय-समय पर महंगाई भत्ते में वृद्धि कर रही है, तो छत्तीसगढ़ सरकार कर्मचारियों को उसी अनुपात में लाभ देने के मामले में चुप क्यों है?
महंगाई के आंकड़ों का दिया हवाला
फेडरेशन ने अपने पक्ष में जुलाई 2025 से जून 2026 तक के अखिल भारतीय औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों का हवाला दिया है। संगठन के अनुसार, इस अवधि में सूचकांक में लगातार वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़ती महंगाई को दर्शाती है।
फेडरेशन ने बताया कि महंगाई भत्ते का उद्देश्य बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करना और कर्मचारियों तथा पेंशनरों की क्रय शक्ति बनाए रखना है। ऐसे में राज्य के कर्मचारियों को भी महंगाई भत्ते का लाभ केंद्र के समान देय तिथि से दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से की मांग
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मांग की है कि कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए लंबित महंगाई भत्ते और महंगाई राहत पर जल्द निर्णय लिया जाए। संगठन का कहना है कि महंगाई भत्ते का भुगतान देय तिथि से किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को समय पर आर्थिक राहत मिल सके।
फेडरेशन ने यह भी याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव 2023 से पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने वीडियो संदेश में महंगाई भत्ते को कर्मचारियों का मौलिक अधिकार बताया था। ऐसे में संगठन ने सरकार से अपने पूर्व के रुख के अनुरूप निर्णय लेने का आग्रह किया है।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने उठाई आवाज
इस मांग को लेकर प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, जिलाध्यक्ष चंचल कुमार द्विवेदी, जिला सचिव लक्ष्मीकांत तिवारी, पाटन ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष हरिशंकर देवांगन एवं खिलेन्द्र साहू सहित तोरण कुमार साहू, शेषनारायण साहू, गौतमचंद साहू, मनोज साहू, पुरणेश्वर यादव, करुणा पटेल, ममता साहू, रोहित अहीर, दरबार साहू और सुशील कुमार साहू ने कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हित में जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
फेडरेशन का कहना है कि महंगाई भत्ते में अंतर के कारण राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ते का लाभ कब तक मिल पाता है।

