पाटन में आवारा कुत्तों के झुंड से दहशत, गली-मोहल्लों में घूम रहे 10 से 12 कुत्ते; बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
पाटन। दुर्ग जिले के पाटन नगर पंचायत सहित पाटन विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में इन दिनों आवारा कुत्तों के झुंड दिखाई देने से लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से पाटन नगर की गलियों और मोहल्लों में 10 से 12 की संख्या में कुत्तों के झुंड घूमते नजर आ रहे हैं। पहले नगर में इस तरह बड़े झुंड में आवारा कुत्ते दिखाई नहीं देते थे, लेकिन अब इनकी बढ़ती मौजूदगी लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
कुत्तों के बीच खूनी संघर्ष से लोगों में डर
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये कुत्ते कई बार आपस में बेहद आक्रामक तरीके से लड़ते हुए दिखाई देते हैं। रात के समय गलियों और मोहल्लों में इनका झुंड घूमना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। कुत्तों के आक्रामक व्यवहार को देखकर लोगों के मन में आशंका है कि कहीं ये राहगीरों, बुजुर्गों या छोटे बच्चों पर हमला न कर दें।
नगर की गलियों में छोटे-छोटे बच्चे खेलते हैं और लोग रोजमर्रा के कामों के लिए घरों से बाहर निकलते हैं। ऐसे में आवारा कुत्तों के झुंड की मौजूदगी बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है।
बाहर से कुत्ते लाकर छोड़ने की भी चर्चा
इस मामले में कुछ स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि आवारा कुत्तों को बाहर से लाकर पाटन विधानसभा क्षेत्र के गांवों में झुंड के रूप में छोड़ा जा रहा है। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि इन कुत्तों की संख्या अचानक बढ़ने के पीछे क्या कारण हैं और क्या वास्तव में इन्हें कहीं बाहर से लाकर छोड़ा जा रहा है।
नगर पंचायत की कार्रवाई का इंतजार
आवारा कुत्तों की समस्या सामने आने पर आम नागरिकों की पहली उम्मीद स्थानीय प्रशासन से होती है। लोगों को उम्मीद रहती है कि शिकायत मिलने पर प्रशासन समस्या का समाधान करेगा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
नियमानुसार, आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए संबंधित निकाय द्वारा पशु जन्म नियंत्रण (Animal Birth Control), नसबंदी, एंटी-रेबीज टीकाकरण और अन्य निर्धारित उपायों को लागू किया जाना चाहिए। साथ ही, आक्रामक व्यवहार करने वाले या रेबीज के संदिग्ध लक्षण दिखाने वाले कुत्तों के मामले में पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की मदद से उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
लेकिन पाटन नगर में इस समस्या को लेकर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं देने की बात स्थानीय लोग कह रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर नगरवासी अपनी इस समस्या को लेकर कहां जाएं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
25 अक्टूबर की रात सामने आया कुत्तों का विशाल झुंड
25 अक्टूबर 2026 की रात सामने आए फोटो और वीडियो में पाटन क्षेत्र में कुत्तों का बड़ा झुंड दिखाई देने की बात कही गई है। इस दृश्य ने एक बार फिर नगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती मौजूदगी और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अब देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद नगर पंचायत पाटन का प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

बड़ा सवाल: क्या नगर पंचायत पाटन किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रही है, या समय रहते नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे? फिलहाल नगरवासियों को प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।
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