फर्जी पासपोर्ट पर ‘अजंता मेंडिस’ बनकर विदेश में छिपा था महादेव ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, ओमान से भारत लाया गया
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में लंबे समय से फरार चल रहे प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को आखिरकार ओमान से भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के साथ ही एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह विदेश में अपनी असली पहचान छिपाने के लिए इंडोनेशिया के कथित फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा था। यह पासपोर्ट ‘अजंता मेंडिस’ नाम से बनाया गया था।
फर्जी पहचान के सहारे विदेश में छिपने की कोशिश
आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के पास से इंडोनेशिया में जारी एक पासपोर्ट मिला है, जिसमें उसका नाम ‘अजंता मेंडिस’ दर्ज था, जबकि पासपोर्ट पर लगी तस्वीर सौरभ चंद्राकर की बताई जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी फर्जी पहचान के सहारे वह अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर विदेश में रह रहा था। इसी पासपोर्ट के आधार पर जुलाई 2026 में ओमान में उसे हिरासत में लिया गया था।
इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई कार्रवाई
भारतीय जांच एजेंसियां वर्ष 2023 से ही सौरभ चंद्राकर की तलाश कर रही थीं। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। इसके बाद भारत की ओर से प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। CBI की विशेष टीम ओमान के मस्कट पहुंची और रविवार शाम उसे लेकर भारत पहुंची।
6 हजार करोड़ रुपये के सट्टेबाजी सिंडिकेट का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक के माध्यम से देशभर में क्रिकेट, फुटबॉल, ताश सहित विभिन्न खेलों और आयोजनों पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। इस नेटवर्क से होने वाली कमाई को कथित तौर पर बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों के जरिए घुमाया जाता था और कई स्तरों के लेन-देन के बाद हवाला चैनलों के माध्यम से विदेश भेजा जाता था।
CBI की जांच में सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी दिए जाने की बात भी सामने आई है। सौरभ चंद्राकर इस मामले में दो CBI मामलों में प्रमुख आरोपियों में शामिल है, जिनमें आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा ED ने भी उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभियोजन शिकायत दर्ज की है।
रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेशी पर नजर
भारत वापसी के बाद अब सौरभ चंद्राकर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया है। उसकी पेशी और आगे की न्यायिक कार्रवाई से महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े कई अहम पहलुओं पर जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
महादेव ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर के साथ रवि उप्पल का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। अब जांच एजेंसियों की पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क, कथित आर्थिक लेन-देन और विदेशों में छिपाई गई संपत्तियों से जुड़े नए खुलासे होने की संभावना है।
नोट: सौरभ चंद्राकर के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच एजेंसियों के दावे हैं। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।







