Trending :
November 3, 2026
पाटन

स्थापना दिवस पर अटल जी को माल्यार्पण, लेकिन पाटन का अटल परिसर एक सप्ताह से अंधेरे में! महज दो लाइटों के भरोसे परिसर, बाकी लाइटें क्यों बंद?

पाटन। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर 1 नवंबर को पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ आयोजन हुए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए पाटन स्थित अटल परिसर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लेकिन विडंबना देखिए कि जिस परिसर में स्थापना दिवस के दिन अटल जी को नमन किया गया, वही परिसर पिछले करीब एक सप्ताह से अंधेरे में डूबा हुआ है।

पाटन में निर्मित अटल परिसर का उद्घाटन हुए अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है। परिसर को आकर्षक स्वरूप देने के साथ यहां रोशनी की व्यवस्था भी की गई है, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि रात के समय परिसर की अधिकांश लाइटें बंद पड़ी हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि परिसर में महज दो लाइटें ही जलती नजर आ रही हैं, जबकि बाकी हिस्से में अंधेरे जैसा माहौल बना हुआ है। परिसर की पूरी प्रकाश व्यवस्था चालू नहीं होने से इसकी सुंदरता भी रात के समय फीकी पड़ रही है।

file_000000002b088208bc597b1a35260394
previous arrow
next arrow
IMG-20261101-WA0007
previous arrow
next arrow

माल्यार्पण के लिए याद आए अटल जी, लेकिन परिसर की रोशनी पर ध्यान नहीं!

सबसे बड़ा सवाल यही है कि 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर इसी परिसर में माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया, लेकिन क्या जिम्मेदारों ने परिसर की बंद पड़ी लाइटों की ओर ध्यान दिया? एक ओर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर फूल-मालाएं चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, वहीं दूसरी ओर उनके नाम पर बने परिसर में रात के समय पर्याप्त रोशनी तक नहीं है।

उद्घाटन को एक साल भी नहीं, रखरखाव पर सवाल

जब किसी सार्वजनिक स्थल का निर्माण और उद्घाटन किया जाता है, तो उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित निकाय की होती है। ऐसे में उद्घाटन के एक वर्ष के भीतर ही परिसर की अधिकांश लाइटों का बंद होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। आखिर लाइटें क्यों बंद हैं? क्या उनमें तकनीकी खराबी है या फिर रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर लापरवाही बरती जा रही है?

नगर पंचायत पाटन के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सवाल है कि करीब एक सप्ताह से बनी इस स्थिति पर अब तक ध्यान क्यों नहीं दिया गया? क्या परिसर की सभी लाइटों को दुरुस्त कराने के लिए कोई पहल की गई है?

सवाल सिर्फ लाइटों का नहीं, सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव का भी है।

अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बने इस परिसर को केवल विशेष अवसरों पर माल्यार्पण और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसकी नियमित देखरेख और बेहतर व्यवस्था भी जरूरी है। अब देखना होगा कि नगर पंचायत पाटन इस मामले में कब संज्ञान लेती है और परिसर की बंद पड़ी लाइटों को कब तक चालू कराया जाता है।

फिलहाल पाटनवासियों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय है कि जब अटल परिसर में महज दो लाइटें ही जल रही हैं और बाकी परिसर अंधेरे में है, तो आखिर नगर पंचायत के जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर कब जाएगा?

News 365 days Chhattisgarh

News 365 Days Chhattisgarh — छत्तीसगढ़ की स्थानीय खबरें, जनसमस्याएँ, राजनीति, अपराध, शिक्षा और जनहित से जुड़ी खबरों का विश्वसनीय मंच। खबरें ताजा, खबरें असरदार।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *